इंडिया न्यूज़, भोपाल:
44 Criminals Lodged in MP Jails मध्य प्रदेश की कई जेलों में बंद 44 ऐसे अपराधी हैं जिन्हें कोर्ट से फांसी दिए जाने की सजा मिल चुकी है। लेकिन सजा पर आखिरी मुहर नहीं लग पाई है। क्योंकि इन्होंने सजा से बचने के लिए विभिन्न स्तरों पर माफीनामे की अपीलें दायर की हुई हैं। इन अपराधियों की सांसे इन्हीं अपीलों के सहारे चल रही हैं(Breath is running on appeals) यह कहना भी गलत नहीं होगा। इनमें से तीन अपराधी तो केवल इंदौर (Indore)के ही हैं जिन्होंने राष्ट्रपति(President of inidia) से याचिका खारिज होने के बाद एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट(Supreme court) में अपील दायर की है।
बता दें कि भोपाल जेल(Bhopal Jail) में बंद अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के दोषी (guilty of ahmedabad serial blasts)भी शामिल हैं जिन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है। वहीं इंदौर के ही बाबू, रमेश केदार और सन्नी ऐसे अपराधी हैं, जिनकी रहम की अपील राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया था। लेकिन एक एनजीओ इस केस को फिर से शीर्ष अदालत में ले गया। बता देंं कि इनकी फांसी पर आज तक फैसला नहीं हो पाया है। वहीं गैंग रेप के आरोपी जीतू की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया गया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के विभिन्न कारागारों में 44 अपराधी ऐसे हैं जिन्हें विभिन्न अदालतों से फांसी की सजा सुना दी गई है। लेकिन अभी तक फांसी नहीं हुई है। इनमें सबसे अधिक 16 अपराधी जबलपुर की केंद्रीय कारागार में बंद हैं जिनकी सांसे अपीलों पर चल रही हैं। इसी प्रकार इंदौर में 11, आठ कैदी भोपाल उज्जैन, नरसिंहपुर और ग्वालियर की जेलों में 3-3 कैदी ऐसे बंद हैं जिनको फांसी की सजा तो सुनाई जा चुकी है लेकिन इन लोगों ने भी अदालतों में फांसी की सजा के खिलाफ अपील दायर की हुई है।
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